जैसा की हम सभी जानते है की जब से मोदी सरकार आई है तब से आये दिन कोई न कोई नियम निकला ही करते  है जो की बहुत ही प्रभावी होते है इसी क्रम में एक ऐसा नियम सामने आया है जिसमे की केंद्र गवर्नमेंट देशभर में जमीन के रिकॉर्ड को डिजिटल करने की तैयारी में है. इसमें  खेत, प्लॉट व जमीन के हर एक टुकड़े को एक विशिष्ट पहचान नंबर दिया जाएगा जो की इसकी विशिष्ट पहचान होगा,ये पहचान आधार जैसी ही होगी !

आपको जानकारी के लिए बता दे की इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्रालय ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को जमीन के रिकॉर्ड डिजिटल करने की योजना पर चिट्ठी लिखी है.जिसमे मध्य प्रदेश, राजस्थान व गुजरात समेत 6 राज्यों ने इस पर अपनी सहमति भी दे दी है और साथ ही इस नियम को और भी प्रभावी बनाने की लिए कहा है IT का मानना है की इससे  बेनामी संपत्ति, भूमि टकराव व जमीन के फर्जीवाड़ों के बढ़ते मामलों पर अंकुश लग सकेगा इसकी सुरक्षा को देखते हुए इसके डेटा को आधार की तर्ज पर सुरक्षित किया जाएगा किसी भी जमीन के बारे में जानने के लिए इस नम्बर का प्रयोग करना होगा !

आपको बता दे की मिली जानकारी के अनुसार हर प्रकार के जमीन के टुकड़े चाहे वो सरकारी, निजी, संस्थान, कंपनी या विरासत की संपत्ति की श्रेणी पर आधारित होगा सभी पर ये नियम लागू होगा इस व्यवस्था से कई प्रकार के काले धंधो पर रोक लगेगी, मंत्रालय के एक ऑफिसर के मुताबिक राष्ट्र में कृषि, ढांचागत विकास व पर्यावरण को हो रहे नुकसान की जानकारी इस माध्यम के जरिए सरलता से जुटाई जा सकेगी , इस व्यवस्था से इस फिल्ड में पारदर्शिता आयेगी  जबकि कृषि, व्यक्तिगत या व्यवसायिक भूमि से हो रही आय का भी पता जमीन के विशिष्ट पहचान डेटा की सहायता से लगाया जा सकेगा इसी के साथ ही जमीनी विवादों को काफी हद तक चोट पहुंचेगी इस खबर को विस्तार से जानने के लिए नीचे दिए गए वीडियो को देखे !

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