नई दिल्ली:  आज हम जिस विषय के बारे में बात करने जा रहे है उन विषयों को लेकर हमारे देश के लोग थोडा कतराते है.  प्यार किसी भी व्यक्ति के लिए अहम होता है किसी भी व्यक्ति को प्यार का एहसास कभी भी हो सकता है प्यार और रोमांस दो ऐसे भौतिक वस्तु हैं जिनसे धरती पर मौजूद कोई भी प्राणी अलग नहीं रह पाया है.

हर किसी का रोमांस करने का अपना एक समय होता है जिस समय उसे अपने पार्टनर के साथ रहने  में सबसे ज्यादा आनंद आता है. सेक्स एक स्वथ्य शरीर की आवश्यकता होती हैं. हर पति-पत्नी शारीरिक सम्बन्ध बनाते है. लेकिन आज हम आप को बताने जा रहे है कि आखिर किन जगहों पर शारीरिक सम्बन्ध नहीं बनाना चाहिए. आइये जानते है उन जगहों के बारे में…

किसी भी पवित्र नदी के पास

सबसे पहले जिस जगह के बारे में हम बता रहे है वो है किसी भी पवित्र नदी के पास. ऐसा शास्त्रों में कहा गया है कि जहां कहीं भी कोई पवित्र नदी होती है वहां पर आपको शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिए, क्योंकि इस प्रकार के संबंध को शास्त्रों में युद्ध के आमंत्रण बताया गया है. इसके लिए ऋषि पराशर एवं सत्यवती की कहानी सुने जाती है जब उनके   रिश्ते की वजह से पूरे महाभारत की युद्ध की शुरुआत हुई थी.

आग के पास

इस के बाद दूसरे स्थान के बार में हम आप को बात रहे है वो है आग के पास. आप को हम बता रहे है कि हिंदू धर्म के अनुसार अग्नि को देवता माना गया है इसीलिए उनके समक्ष बनाए गए संबंधों को अपवित्र एवं महापाप के योग्य माना जाता है. इसे हर किसी को ध्यान रखना चाहिए कि  जहां कहीं भी आपके आसपास आग जल रही हो वहां पर शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिए.

बीमार व्यक्ति के आसपास

इसके बाद हम आप को बात रहे है वो जगह है किसी भी बीमार व्यक्ति के पास इसके लिए ऐसा कहा जाता है कि जिस घर में एक व्यक्ति बीमार है और मृत्यु की कगार पर है और आप अपने शारीरिक संभोग प्राप्ति के लिए संबंध बनाना उचित नहीं माना गया है.

कोई ब्राह्मण आसपास हो

अब हम आप को जो बता रहे है कि शास्त्रों के अनुसार ब्राह्मणों को एक बहुत ही महान पुरुष के रूप में बताया गया है, क्योंकि यह लोग जीवन की राह दिखाने वाले होते हैं और लोग इन को अपना आदर्श भी मानते हैं. इस लिए हर किसी को ध्यान रखना चाहिए कि ऐसी जगह पर सम्बन्ध बनाने से बचे जहाँ कोई ऋषि-मुनि के रहने का स्थान हो.

मंदिर के अंदर

इसके अलावा हम आप को अंतिम स्थान के बारे में बता रहे है कि हिंदू धर्म के अनुसार मंदिरों को काफी पवित्र माना गया है यहां पर देवी-देवताओं की पूजा करी जाती है और किसी भी प्रकार का अनुचित कार्य यहां करना हानिकारक सिद्ध होता है.